कसीदा कंपनी में तीसरे दिन भी हड़ताल जारी, श्रम विभाग की जांच के बाद तय होगा किसकी बात सही
प्रबंधन बोला— हमने 20 बिंदुओं पर चर्चा कर मांगे मान ली श्रम विभाग की जांच मै गलती हुई तो सुधार के लिए तैयार, कर्मचारी बोले—ग्रेड और वेतन बढ़े तो काम पर लौटेंगे
धार जिले के जेतापुर-पलासिया इंडस्ट्री क्षेत्र स्थित कसीदा कंपनी में ग्रेड और वेतन बढ़ाने सहित विभिन्न मांगों को लेकर कर्मचारियों की हड़ताल तीसरे दिन भी जारी रही। कर्मचारी अपनी 20 मांगों को लेकर कंपनी के बाहर बैठे रहे। मामले को लेकर प्रशासन और कंपनी प्रबंधन की ओर से कर्मचारियों से चर्चा कर समाधान निकालने का प्रयास किया गया,जिसमे कर्मचारीयों की 20 मांगो कों कम्पनी प्रबंधन द्वारा दूसरे दिन ही स्वीकार किया गया था और कर्मचारीयों द्वारा मान लिया गया था लेकिन सहमति नहीं बन सकी ओर अड़ताल जारी रखी।
कर्मचारियों का कहना है
लंबे समय से कंपनी में काम करने के बावजूद उनकी ग्रेड और वेतन में अपेक्षित बढ़ोतरी नहीं की गई है। कर्मचारियों ने स्पष्ट कहा है कि ग्रेड और वेतन में उचित बढ़ोतरी की जाती है तो वे हड़ताल समाप्त कर काम पर लौटने के लिए तैयार हैं।
वहीं कंपनी प्रबंधन ने भी अपना पक्ष रखते हुए कहा
कर्मचारियों की बात को गंभीरता से लिया जा रहा है। हमारे द्वारा कर्मचारियों की 20 मांगे मान ली गई है वही प्रबंधन का कहना है कि यदि श्रम विभाग की जांच में कहीं कोई गलती या नियमों के अनुसार कमी पाई जाती है तो उसे सुधारने के लिए कंपनी तैयार है। वही दूसरी ओर कंपनी प्रबंधन ने हड़ताल कों अवैधानिक हड़ताल बताया गया है।जिसमें प्रबंधन ने अपनी स्थिति स्पष्ट की है।
मामले में अब श्रम अधिकारी कर्मचारियों की मांगों और कंपनी प्रबंधन के पक्ष की जांच करेंगे। जांच के दौरान वेतन, ग्रेड, कंपनी के नियमों और कर्मचारियों की मांगों सहित संबंधित बिंदुओं को देखा जाएगा। इसके बाद वास्तविक स्थिति सामने आने की उम्मीद है कि कर्मचारियों की मांगें नियमों के अनुरूप हैं या कंपनी द्वारा किया जा रहा भुगतान नियमानुसार है।
प्रशासन की ओर से भी दोनों पक्षों के बीच बातचीत के माध्यम से समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा है। कर्मचारी अपनी मांगों पर कायम हैं, वहीं कंपनी प्रबंधन भी नियमों के अनुसार समाधान के लिए तैयार होने की बात कह रहा है।
फिलहाल मामला जांच और बातचीत के दौर में है। कर्मचारियों का कहना है कि उनकी मांगें पूरी होने पर वे काम पर लौटेंगे, जबकि प्रबंधन का कहना है कि जांच में जो भी स्थिति सामने आएगी, उसके अनुसार आवश्यक सुधार किए जाएंगे। ऐसे में श्रम विभाग की जांच के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति और आगे का रास्ता स्पष्ट होगा।


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