वराह मार्च पर धार में हाई अलर्ट, शहर बना पुलिस छावनी
अनुमति निरस्त होने के बावजूद मार्च की घोषणा से बढ़ा तनाव, 8 गिरफ्तार; एक हजार पुलिसकर्मी तैनात
धामनोद में भी एक युवक अभिरक्षा में, जिलेभर में एहतियाती कार्रवाई
धार। प्रस्तावित वराह मार्च को लेकर धार शहर में शनिवार को सुबह से ही तनाव और असमंजस की स्थिति बनी रही। सनातन प्रहरी संस्था ने दोपहर 2 बजे पीजी कॉलेज ग्राउंड से कीर्ति विजय मंदिर (लाट मस्जिद) तक वराह मार्च निकालने की घोषणा की थी। प्रशासन ने मार्च की अनुमति निरस्त कर दी, बावजूद इसके आयोजकों द्वारा स्थल तक पहुंचकर भगवान वराह के दर्शन करने की बात कही गई।
कड़ी सुरक्षा के बीच 8 गिरफ्तार
कानून-व्यवस्था को देखते हुए पुलिस ने 8 लोगों को गिरफ्तार किया है। धार शहर में करीब एक हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। शहर में धारा 163 लागू होने के कारण किसी भी प्रकार के जुलूस या आयोजन की अनुमति नहीं है। पुलिस सीसीटीवी और ड्रोन के माध्यम से लगातार निगरानी कर रही है।
संरक्षित स्थल भी अस्थायी रूप से बंद
स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने संबंधित संरक्षित इमारत को अस्थायी रूप से बंद कर दिया। प्रशासन ने बाहर से आने वाले लोगों से धार नहीं आने की अपील की है। इससे पहले पुलिस-प्रशासन द्वारा वराह मार्च से जुड़े पोस्टर और फ्लेक्स भी हटवाए गए।
जिलेभर में पुलिस की नजर, धामनोद में युवक अभिरक्षा में
वराह मार्च को लेकर धार जिले के अन्य क्षेत्रों में भी पुलिस सतर्क है। धामनोद में पुलिस ने सत्यम पिता सुखराम पटेल, निवासी डहिवर, धामनोद को एहतियाती तौर पर अभिरक्षा में लिया है। पुलिस की यह कार्रवाई प्रस्तावित मार्च के मद्देनजर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए की गई बताई गई है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था प्रभावित करने अथवा संरक्षित स्थल को नुकसान पहुंचाने वाली किसी भी गतिविधि पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।


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