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Friday, 11 September 2026

रसूख पर कानून भारी पत्रकार पर हमले के चर्चित मामले में आरोपियों को जेल, क्षेत्र में चर्चा—'नेतागिरी नहीं, कानून चला

 रसूख पर कानून भारी पत्रकार पर हमले के चर्चित मामले में आरोपियों को जेल, क्षेत्र में चर्चा—'नेतागिरी नहीं, कानून चला



धामनोद// सत्ता, संपर्क और रसूख के दम पर कानून की पकड़ से बच निकलने की तमाम चर्चाओं के बीच आखिरकार बहुचर्चित पत्रकार हमला प्रकरण में न्यायिक कार्रवाई ने नया मोड़ ले लिया। बुलेट न्यूज़ के पत्रकार सोनू मीणा पर हुए कथित जानलेवा हमले के मामले में नामजद आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश किए जाने के बाद जेल भेज दिया गया। इस कार्रवाई ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि न्यायिक प्रक्रिया के सामने प्रभाव और पहचान की सीमाएं तय हैं।



       थाना धामनोद में दर्ज अपराध क्रमांक 0333/2026, दिनांक 16 जुलाई 2026 के अनुसार पत्रकार सोनू मीणा ने आरोप लगाया था कि महेश्वर क्षेत्र के रोहित पिता लक्ष्मीनारायण सोलंकी रोशन पिता प्रेमचंद केवट कपिल पिता  जितेंद्र  पटेल और लोकेश रामचंद्र गुर्जर ने उन पर बार बार वाहन चढ़ाकर जानलेवा हमला किया गया। घटना के बाद से यह मामला लगातार चर्चा का विषय बना रहा। क्षेत्र में सवाल उठते रहे कि आखिर गंभीर आरोपों के बावजूद कार्रवाई की रफ्तार धीमी क्यों दिखाई दे रही है और आरोपी खुलेआम घूमते हुए क्यों नजर आ रहे थे।



      मामले में उस समय भी बहस तेज हुई थी जब प्रारंभिक एफआईआर में हत्या के प्रयास से जुड़ी धारा शामिल नहीं किए जाने को लेकर आपत्तियां सामने आईं। बाद में प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अतिरिक्त धाराएं जोड़ीं और गिरफ्तारी की दिशा में कार्रवाई आगे बढ़ी। न्यायालय में हुई कार्रवाई के बाद आरोपियों को जेल भेजे जाने से यह संदेश गया कि बहुचर्चित मामलों में भी अंततः कानूनी प्रक्रिया ही निर्णायक होती है।



       क्षेत्र के लोगों के बीच अब यह चर्चा भी जोर पकड़ रही है कि यदि फरियादी लगातार पैरवी नहीं करता और मामला सार्वजनिक बहस का विषय नहीं बनता, तो क्या कार्रवाई इतनी तेजी से आगे बढ़ पाती? हालांकि इसका जवाब जांच और न्यायिक प्रक्रिया के अंतिम परिणाम से ही स्पष्ट होगा। फिलहाल इस मामले ने इतना जरूर साबित किया है कि जब मामला अदालत की चौखट तक पहुंचता है, तब रसूख की चमक फीकी पड़ सकती है और कानून का शिकंजा कस सकता है। 

वही सूत्रों के अनुसार

 इस पूरे मामले को लेकर  महेश्वर विधायक राजकुमार मेव की उपस्थिति धामनोद थाने  पर दिखी।


     प्रकरण में फरियादी पक्ष को अधिवक्ता प्रदीप दुबे, इंदौर उच्च न्यायालय द्वारा विधिक सहयोग प्रदान किया गया।

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