श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के संग निकला नर्मदेश्वर महादेव का भव्य शिव डोल पुष्पवर्षा से हुआ स्वागत, शिवमय हुआ नगर; कांवड़ यात्रा से लेकर दिव्य झांकियों तक उमड़ा आस्था का सैलाब
धामनोद//श्रावण मास के तीसरे सोमवार को भगवान भोलेनाथ के प्रति अटूट श्रद्धा, भक्ति और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। विगत 19 वर्षों से चली आ रही परंपरा के तहत इस वर्ष भी श्री नर्मदेश्वर महादेव की भव्य शिव डोला सवारी एवं विशाल कांवड़ यात्रा धूमधाम से निकाली गई । दिनभर नगर "हर-हर महादेव" और "बम-बम भोले" के जयघोष से गूंजता रहा तथा पूरा वातावरण शिवमय बना रहा।
प्रातः 6 बजे खलघाट स्थित मां नर्मदा तट से कांवड़ यात्रा का शुभारंभ हुआ। सैकड़ों शिवभक्त मां नर्मदा का पवित्र जल लेकर भगवान भोलेनाथ के जयकारों के साथ धामनोद की ओर रवाना हुए। यात्रा मार्ग में खलघाट से लेकर धामनोद तक विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर कांवड़ियों का स्वागत किया तथा प्रसादी वितरित कर सेवा भाव का परिचय दिया।
धामनोद पहुंचने पर कांवड़ यात्रा बावड़ी मोहल्ला स्थित श्री नर्मदेश्वर महादेव मंदिर पहुंची, जहां कांवड़ियों ने मां नर्मदा के पावन जल से भगवान शिव का जलाभिषेक किया। इसके पश्चात विशेष पूजन-अर्चन एवं महाआरती संपन्न हुई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
दोपहर लगभग 2 बजे श्री नर्मदेश्वर महादेव मंदिर से भगवान भोलेनाथ की भव्य शिव डोला सवारी बैंड-बाजों, ढोल-ताशों और भक्तिमय संगीत के साथ नगर भ्रमण के लिए निकाली गई। जैसे-जैसे सवारी मुख्य मार्गों से आगे बढ़ती गई, श्रद्धालुओं का उत्साह भी चरम पर पहुंचता गया। लोग जयकारों के साथ भगवान भोलेनाथ के दर्शन करने उमड़ पड़े।
सवारी में इंदौर के अंकित गुरु, जबलपुर की पूनम त्रिपाठी एवं महाकाल म्यूजिक ग्रुप धामनोद द्वारा प्रस्तुत शिव भजनों ने भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया। वहीं आर.के. बैंड इंदौर की मधुर प्रस्तुतियों ने धार्मिक वातावरण को और अधिक भव्य बना दिया।
शिव डोला में शामिल आकर्षक झांकियां और धार्मिक प्रस्तुतियां श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। शिव अघोरी ग्रुप हिसार (हरियाणा), महाकाली स्वरूप, राधा-कृष्ण महारास, कांतारा थीम, बाहुबली हनुमान, तिरुपति बालाजी, शिव-पार्वती झांकी, भस्मरमैया ग्रुप उज्जैन एवं सेंधवा के राजस्थानी लोक कलाकारों की प्रस्तुतियों ने लोगों का मन मोह लिया।
नगर के विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ की सवारी का पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। अनेक समाजों, संस्थाओं एवं भक्तों द्वारा प्रसादी वितरण की व्यवस्था की गई, जहां श्रद्धालुओं ने विभिन्न प्रकार के प्रसाद ग्रहण किए। पूरे मार्ग में भक्ति, सेवा और श्रद्धा का अनुपम संगम देखने को मिला।
देर शाम शिव डोला भुतेश्वर महादेव मंदिर पहुंचा, जहां भगवान की आरती एवं प्रसाद वितरण किया गया। इसके पश्चात सवारी पुनः श्री नर्मदेश्वर महादेव मंदिर पहुंची, जहां महाआरती के साथ आयोजन का समापन हुआ।
श्रावण मास के इस भव्य धार्मिक आयोजन ने न केवल सनातन संस्कृति की समृद्ध परंपराओं को जीवंत किया, बल्कि समाज में धर्म, आस्था और एकता का संदेश भी दिया। नगरवासियों ने इसे वर्षों की सबसे भव्य और आकर्षक शिव सवारी में से एक बताया।


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