सड़क या मौत का रास्ता? सुन्द्रैल फाटा मार्ग बदहाल, जिम्मेदारों की चुप्पी पर उठे सवाल
बस स्टैंड से सुन्द्रैल फाटा तक जगह-जगह गड्ढे, बारिश में जलभराव से बढ़ा हादसों का खतरा; रहवासियों ने विभाग पर लापरवाही के लगाए आरोप
धामनोद। बस स्टैंड से सुन्द्रैल फाटा तक सड़क की बदहाल हालत ने जिम्मेदार विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सुन्द्रैल फाटा क्षेत्र के रहवासियों और दुकानदारों का आरोप है कि सड़क लंबे समय से जर्जर है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी आंखें मूंदे बैठे हैं। सड़क पर जगह-जगह बड़े गड्ढे हो चुके हैं और बारिश के बाद इनमें पानी भरने से गड्ढों की गहराई का अंदाजा तक नहीं लग पाता।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क की दुर्दशा किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रही है। रोजाना बड़ी संख्या में वाहन और राहगीर इस मार्ग से गुजरते हैं, बावजूद इसके सड़क की मरम्मत को लेकर जिम्मेदार विभाग की ओर से गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है।
गड्ढों में तब्दील हुआ मार्ग, कब जागेगा विभाग?
रहवासियों के मुताबिक सड़क पर बने गड्ढों के कारण वाहन चालकों को अचानक ब्रेक लगाना या रास्ता बदलना पड़ता है, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। बारिश में स्थिति और ज्यादा खराब हो जाती है। स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि सड़क की समस्या नई नहीं है, इसके बावजूद बार-बार शिकायतों के बाद भी स्थायी समाधान नहीं किया गया।
स्थानीय नागरिकों ने आरोप लगाया कि सड़क की हालत लंबे समय से खराब होने के बावजूद संबंधित विभाग द्वारा सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई तो आने वाले दिनों में कोई गंभीर दुर्घटना हो सकती है, जिसकी जिम्मेदारी आखिर किसकी होगी?
रहवासियों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से तत्काल सड़क का निरीक्षण कर गड्ढों की मरम्मत तथा सड़क का स्थायी सुधार कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि विभाग को किसी हादसे के बाद जागने के बजाय अभी कार्रवाई करनी चाहिए।
नायब तहसीलदार का कहना है कि आवेदन आया है ठेकेदार से बात की दो दिन मै अस्थाई सड़क निर्माण किया जाएगा । वही अगर निर्माण न होने की दशा मै उचित कार्यवाही की जाएगी ।


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