जब जिम्मेदारों ने फेर ली आंखें, तब नागरिक ने संभाला मोर्चा! धामनोद में सरकारी अस्पताल की सड़क अपने खर्चे से बनवाई!
धामनोद में बदहाल व्यवस्था पर सवाल, नागरिक ने अपने खर्चे से बनवाई अस्पताल की सड़क
धामनोद, जिला धार। धामनोद में शासकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचने वाली सड़क की बदहाली को लेकर एक सराहनीय पहल सामने आई है। पिछले करीब तीन वर्षों से गड्ढों में तब्दील सड़क के कारण मरीजों और उनके परिजनों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। ऐसे में एक जागरूक नागरिक ने अपने माता-पिता की स्मृति में श्राद्ध पक्ष के दौरान निजी खर्च से सड़क निर्माण का कार्य करवाया।
नागरिक की इस पहल की स्थानीय स्तर पर सराहना हो रही है। अस्पताल आने वाले मरीजों के लिए सड़क की स्थिति लंबे समय से परेशानी का कारण बनी हुई थी। इसके बावजूद सड़क की समस्या का समय रहते समाधान नहीं होने से नगर परिषद और संबंधित जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
जब नागरिक आगे आया, तो जिम्मेदारों ने ध्यान क्यों नहीं दिया?
इस पूरे मामले ने एक अहम सवाल खड़ा कर दिया है कि अस्पताल जैसी आवश्यक सार्वजनिक सुविधा तक पहुंचने वाली सड़क की सुध जिम्मेदारों ने पहले क्यों नहीं ली? क्या नगर की बुनियादी सुविधाओं को दुरुस्त रखना जिम्मेदारों की प्राथमिकता में शामिल नहीं है?
एक आम नागरिक द्वारा अपने स्तर पर सड़क निर्माण करवाना जहां सामाजिक जिम्मेदारी और संवेदनशीलता का उदाहरण है, वहीं यह पहल स्थानीय व्यवस्था को आत्ममंथन करने का संदेश भी देती है।
अब देखना होगा कि नगर परिषद और जनप्रतिनिधि संबंधित अधिकारी अन्य बदहाल सड़कों की स्थिति सुधारने के लिए कब ठोस कदम उठाते हैं।
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