फरियादी आत्मदाह जैसा कठोर कदम उठाने को मजबूर सीमांकन में गड़बड़ी और अधिकारियों पर गंभीर आरोप
मंदसौर जिले की मल्हारगढ़ तहसील में सीमांकन को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां फरियादी लोकेश शर्मा ने पटवारी योगेंद्र राठौर एवं आरआई घीसू लाल पर मनमानी, गलत सीमांकन और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं।
फरियादी के अनुसार, वह पिछले 3 वर्षों से अपनी जमीन के सही सीमांकन के लिए आवेदन कर रहा है, लेकिन हर बार गलत सीमांकन किया जा रहा है। उनका कहना है कि पहले सीमांकन में 14 आरी में से 6 आरी जमीन निकाली गई, दूसरा सीमांकन में फिर 4 आरी जमीन निकाली गई। इस प्रकार अब तक कुल 10 आरी जमीन निकाली गई, अभी भी 4 आरी यह कहकर दबा दी गई यहां मध्य प्रदेश शासन की जमीन है जबकि वहां पर मध्य प्रदेश शासन की कोई जमीन नहीं है सभी वैध दस्तावेज मौजूद हैं।
फरियादी ने यह भी आरोप लगाया है कि संबंधित पटवारी योगेंद्र राठौर और आरआई घीसूलाल द्वारा पंचनामे पर फर्जी हस्ताक्षर किए गए हैं, जिसकी रिकॉर्डिंग भी उनके पास मौजूद है। उनका कहना है कि अधिकारियों द्वारा विपक्षी पक्ष से मिलीभगत कर जानबूझकर गलत सीमांकन किया जा रहा है।
इस संबंध में फरियादी द्वारा तहसीलदार को शिकायत दी गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके अलावा, 181 हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायत क्रमांक 33063807 (मुन्नी बाई के नाम से) एवं 35352799 (लोकेश शर्मा के नाम से) को बिना संतोषजनक कार्रवाई के बंद कर दिया गया। फरियादी का आरोप है कि उन्हें सुनवाई की तारीख का नोटिस भी नहीं दिया गया।
फरियादी ने बताया कि संबंधित अधिकारी खुलेआम यह कहते हैं कि “जहां जाना है जाओ, हमारा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।” इससे वह और उनका परिवार मानसिक रूप से अत्यधिक परेशान हो चुका है।
फरियादी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव एवं उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा से न्याय की गुहार लगाई है। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला, तो वे आत्मदाह जैसा कठोर कदम उठाने को मजबूर हो सकते हैं, जिसकी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारी होंगे।


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