गलतफहमी में उठा पिता, पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई—7 आरोपी सलाखों के पीछे
धामनोद // जिला धार महज एक गलतफहमी ने एक परिवार के लिए खौफनाक घटना का रूप ले लिया, जब दबंगों ने घर में घुसकर मारपीट की और पिता का अपहरण कर लिया। हालांकि, पुलिस की तत्परता और सख्त कार्रवाई के चलते महज 2 घंटे में अपहृत को सकुशल छुड़ा लिया गया और अब सातों आरोपी जेल की सलाखों के पीछे हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, फरियादी सुमेर (22 वर्ष), पिता देवीलाल, निवासी भोंडल ने अपने बड़े पापा गोपाल के साथ थाने पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई। सुमेर मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता है।
घटना 24 मार्च की रात करीब 8 बजे की है, जब सुमेर अपने परिवार—पिता देवीलाल, माता मैनाबाई और पत्नी बबीता—के साथ घर पर मौजूद था। इसी दौरान पुनिया, उसका भाई बन्टी, आकाश, अनिल, सातम और अन्य साथी मोटरसाइकिल व बोलेरो वाहन में सवार होकर पहुंचे और घर में जबरन घुस आए।
आरोपियों ने आते ही गाली-गलौज शुरू कर दी और आरोप लगाया कि सुमेर का भाई लखन उनकी बेटी नंदू को भगाकर ले गया है। परिवार द्वारा बार-बार इनकार करने के बावजूद आरोपी नहीं माने और विवाद ने हिंसक रूप ले लिया।
बताया जाता है कि सातम ने बेल्ट से और बन्टी ने लाठी से मारपीट शुरू कर दी। इसके बाद आरोपियों ने देवीलाल को जबरदस्ती बोलेरो में डालकर अपहरण कर लिया और मौके से फरार हो गए।
⏱️ 2 घंटे में पुलिस की बड़ी सफलता
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस सक्रिय हो गई। थाना प्रभारी प्रवीण ठाकरे के निर्देशन में उप निरीक्षक राहुल चौहान ने टीम गठित कर त्वरित कार्रवाई की। महज 2 घंटे के भीतर पुलिस ने अपहृत देवीलाल को सकुशल बरामद कर लिया, हालांकि उस समय कुछ आरोपी फरार हो गए थे।
👮♂️ लगातार दबिश, सभी आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने लगातार दबिश देकर सभी सातों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है।
🔍 जांच में सामने आई सच्चाई
पुलिस जांच में स्पष्ट हुआ कि पूरी घटना एक गलतफहमी के चलते हुई। आरोपियों को शक था कि उनकी बेटी को भगाया गया है, जबकि ऐसा कुछ भी नहीं था।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अपहरण, मारपीट, घर में घुसकर हमला सहित अन्य गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है।
👏 सराहनीय पुलिस टीम
इस कार्रवाई में उप निरीक्षक विजय वास्कले, प्रधान आरक्षक धीरज सिंह जादौन, श्री राम पंवार, आरक्षक मनीष राठौर, रवि सोलंकी, योगेश निगवाल, रवि खन्ना एवं सुखलाल का विशेष योगदान रहा।


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