आदिवासी सरपंच-सचिव के गांव में ही शोषण! दामखेड़ी में 10 परिवार गंदा पानी पीने को मजबूर
भगवानपुरा वनांचल क्षेत्र में जलसंकट विकराल, नल-जल योजना फेल — प्रशासन मौन
खरगोन/भगवानपुरा।दिग्विजय सिंह पटेल
खरगोन जिले के वनांचल और पहाड़ी क्षेत्र आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। भगवानपुरा विकासखंड के वनग्राम पीपलझोपा अंतर्गत दामखेड़ी गांव में हालात बेहद दयनीय हैं। यहां पिछला फाल्या के करीब दस परिवार कुएं का गंदा और मटमैला पानी पीने को मजबूर हैं।
महिला, पुरुष और छोटे बच्चे सुबह से ही पानी के लिए संघर्ष करते नजर आते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम पंचायत द्वारा दो कुएं खुदवाए गए थे, लेकिन दोनों अधूरे छोड़ दिए गए। बाद में फालिया के ग्रामीणों ने आपस में चंदा कर एक कुएं को पूरा कराया, तब जाकर किसी तरह पानी की व्यवस्था हो सकी।
ग्रामीण मदन और गुड़िया ने बताया कि आज भी उन्हें साफ पेयजल उपलब्ध नहीं है। कुएं की साफ-सफाई नहीं होती, पाइपलाइन नहीं बिछी और न ही भारत सरकार की महत्वाकांक्षी नल-जल योजना का लाभ यहां तक पहुंच पाया है। गंदा पानी पीने से बीमारी फैलने का डर हमेशा बना रहता है, लेकिन मजबूरी में लोग इसी पानी से प्यास बुझा रहे हैं।
गौरतलब है कि विकासखंड के अधिकांश गांव पहाड़ी और वन क्षेत्र में आते हैं, जहां जलसंकट हर साल गंभीर रूप ले लेता है। इसके बावजूद अब तक किसी वरिष्ठ अधिकारी द्वारा मौके पर निरीक्षण नहीं किया गया है। ग्राम पंचायत की ओर से भी ठोस पहल नजर नहीं आती।
इंदौर के भागीरथपुरा जैसी घटनाओं से भी प्रशासन ने सबक नहीं लिया। बड़ा सवाल यह है कि क्या जिला प्रशासन किसी बड़ी दुर्घटना या बीमारी फैलने का इंतजार कर रहा है?
अब देखना होगा कि खबर सामने आने के बाद जिला प्रशासन क्या कदम उठाता है।


No comments:
Post a Comment