बकाया फीस के नाम पर बोर्ड परीक्षा से वंचित नहीं रहेंगे छात्र — जिला शिक्षा अधिकारी प्राइवेट स्कूलों को चेतावनी, फीस बकाया होने पर भी नहीं रोकी जा सकती परीक्षा
धामनोद// धार जिले में कुछ निजी स्कूलों द्वारा फीस जमा नहीं होने पर छात्रों को बोर्ड परीक्षा से वंचित करने की शिकायतों के बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने सख्त रुख अपनाया है।
जिला शिक्षा अधिकारी ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि किसी भी छात्र को केवल फीस बकाया होने के आधार पर बोर्ड परीक्षा में बैठने से नहीं रोका जा सकता। शिक्षा का अधिकार और विद्यार्थियों का भविष्य सर्वोपरि है।
सूत्रों के अनुसार, अभिभावकों ने शिकायत की थी कि, कुछ निजी विद्यालय फीस जमा नहीं करने पर प्रवेश पत्र रोकने और परीक्षा में बैठने से मना करने का दबाव बना रहे हैं।
ऐसा ही एक मामला धामनोद के निजी स्कूल का सामने आया है, जहां कक्षा 12 के छात्र आदर्श सिंह की स्कूल फीस लगभग 35 हजार रुपए बकाया होने से निजी स्कूल के संचालक द्वारा प्रवेश पत्र देने से इंकार किया गया था। जिसकी शिकायत पालक द्वारा ब्लॉक शिक्षा अधिकारी को की गई ।उक्त शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिला शिक्षा अधिकारी को पत्र भेजकर सूचना दी गई । जिसकी शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिला शिक्षा अधिकारी ने छात्र के निजी स्कूल सहित क्षेत्र के सभी निजी स्कूल संचालकों को आदेशित किया है कि ऐसा कोई कदम ना उठाएं जिसमें छात्रों का शैक्षणिक भविष्य प्रभावित हो।
जिला शिक्षा अधिकारी ने यह भी कहा कि यदि किसी भी स्कूल द्वारा निर्देशों की अवहेलना की जाती है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अब सवाल यह है कि क्या निजी स्कूल प्रशासन इन निर्देशों का पालन करेंगे या फिर फीस के दबाव में छात्रों का भविष्य दांव पर लगाते रहेंगे?





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