धामनोद//निराहार तपस्वी दंडी स्वामी अनिरुद्धाचार्य जी का राजराजेश्वरी धाम आगमन राजराजेश्वरी धाम में प्राण प्रतिष्ठा के 28वें वर्ष पर पांच दिवसीय महोत्सव का भव्य आयोजन
धामनोद के समीप ग्राम दूधी, नेशनल हाईवे पर स्थित प्रसिद्ध श्री राजराजेश्वरी धाम आश्रम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा के 28वें स्थापना वर्ष के पावन अवसर पर पांच दिवसीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक महोत्सव का भव्य आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन 20 जनवरी से 24 जनवरी 2026 तक श्रद्धा, भक्ति एवं वेद-शास्त्रों की दिव्यता के साथ संपन्न हो रहा है।
महोत्सव के तीसरे दिन 22 जनवरी को काशी से पधारे पूज्य दंडी स्वामी श्री अनिरुद्धाचार्य जी महाराज का आगमन विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। उल्लेखनीय है कि पूज्य महाराज विगत लगभग 15 वर्षों से निराहार रहकर केवल दूध पर आधारित जीवन व्यतीत कर रहे हैं, जो उनकी कठोर तपस्या एवं संयम का अनुपम उदाहरण है।
उनके साथ काशी के पूज्य सकोटा जी, पुणे (महाराष्ट्र) से पधारे दो गुरुजन एवं मुंबई से प्रभाकर जी का भी राजराजेश्वरी धाम आगमन हुआ। इस अवसर पर शास्त्रार्थ सभा एवं वाक्याथ सभा का शुभारंभ हुआ, जो लगातार तीन दिनों तक चलेगी।
इस दिव्य ज्ञानयज्ञ में धामनोद, दूधी, उज्जैन एवं ढालखेड़ा आश्रमों से आए अनेक विद्यार्थी सहभागिता कर रहे हैं। विद्वानों के शास्त्रीय संवादों से संपूर्ण परिसर आध्यात्मिक चेतना से सराबोर हो उठा।
कार्यक्रम के दौरान स्थानीय प्रशासन एवं समाजसेवियों की भी गरिमामयी उपस्थिति रही। धामनोद थाना प्रभारी प्रवीण ठाकरे एवं नगर के समाजसेवी प्रमोद केड़िया ने मंदिर पहुंचकर दर्शन किए एवं पूज्य संतों से आशीर्वाद प्राप्त किया।
मंदिर प्रशासन की ओर से समाजसेवी प्रमोद केड़िया ने क्षेत्र की धर्मप्रेमी जनता से अपील करते हुए बताया कि 24 जनवरी 2026 को राजराजेश्वरी धाम में विशाल प्रसादी भंडारे का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर पुण्य लाभ अर्जित करने का आह्वान किया।
पांच दिवसीय यह आयोजन श्रद्धा, साधना एवं संस्कारों का अद्भुत संगम बनकर क्षेत्र में धार्मिक चेतना का संचार कर रहा है।


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