‘सबका साथ–सबका विकास’ का संदेश UN तक, सावित्री ठाकुर का प्रभावी संबोधन
सामाजिक न्याय, महिला सशक्तिकरण और सतत विकास पर भारत की प्रतिबद्धता को अंतरराष्ट्रीय मंच पर किया रेखांकित
धार/दिल्ली।
संयुक्त राज्य अमेरिका के न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में आयोजित संयुक्त राष्ट्र सामाजिक विकास आयोग के 64वें सत्र में भारत की ओर से महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री तथा धार–महू की सांसद सावित्री ठाकुर ने भारत का सशक्त और समावेशी विकास दृष्टिकोण अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत किया।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि भारत का विकास मॉडल ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ की भावना पर आधारित है, जिसका मूल उद्देश्य समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास के लाभ पहुँचाना है। उन्होंने महिलाओं, बच्चों, वंचित वर्गों, दिव्यांगजनों एवं कमजोर तबकों के सशक्तिकरण हेतु भारत सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं, नीतिगत पहलों एवं नवाचारों की जानकारी साझा की।
श्रीमती ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘विकसित भारत’ का संकल्प केवल आर्थिक प्रगति तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका लक्ष्य सामाजिक सुरक्षा, समान अवसर, लैंगिक समानता एवं मानवीय गरिमा के साथ प्रत्येक नागरिक के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाना है। उन्होंने महिला सशक्तिकरण, पोषण, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में भारत द्वारा हासिल की गई उल्लेखनीय उपलब्धियों को रेखांकित किया।
भारतीय दर्शन ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भारत अपने समावेशी विकास के अनुभवों को विश्व समुदाय के साथ साझा करने और वैश्विक सहयोग को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध है। भारत का मानना है कि सतत और समावेशी विकास ही विश्व शांति, स्थिरता और समृद्धि का मजबूत आधार है।
अंत में उन्होंने कहा कि भारत संयुक्त राष्ट्र के मंच पर सामाजिक विकास के वैश्विक लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु सक्रिय भूमिका निभाता रहेगा तथा मानव कल्याण को केंद्र में रखकर वैश्विक साझेदारी को नई दिशा देता रहेगा।


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