महाशिवरात्रि पर आस्था का सागर: देवी अहिल्या की नगरी महेश्वर में उमड़ा शिव भक्तों का जनसैलाबडेढ़ लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने मां नर्मदा में लगाई आस्था की डुबकी
खरगोन से दिग्विजय सिंह पटेल की रिपोर्ट
महेश्वर। देवी मां अहिल्या की पावन पर्यटन नगरी महेश्वर में रविवार को महाशिवरात्रि पर्व श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया। अलसुबह 5 बजे से ही श्रद्धालुओं का नर्मदा तट पर पहुंचना शुरू हो गया। दूर-दराज से आए लाखों भक्तों ने मां नर्मदा में ब्रह्म स्नान कर भगवान शिव का स्मरण किया।
नर्मदा स्नान के पश्चात श्रद्धालुओं ने नगर के प्रमुख शिवालयों में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। महिलाओं ने दीप-बाती प्रज्वलित कर भोलेनाथ से मनोकामनाएं मांगीं। मंदिरों में ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से वातावरण भक्तिमय हो उठा।
नगर के प्राचीन एवं प्रमुख मंदिरों— काशी विश्वनाथ मंदिर महेश्वर, राजराजेश्वर मंदिर महेश्वर, कालेश्वर मंदिर महेश्वर, वृद्ध कालेश्वर मंदिर महेश्वर एवं ज्वालेश्वर मंदिर महेश्वर में दिनभर भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का बेलपत्र, पुष्प, दूध, दही, जलधारा एवं रुद्राभिषेक के साथ पूजन किया।
नगर के विभिन्न स्थानों पर शिव भक्तों द्वारा साबूदाने की खिचड़ी, फलाहार, चाय और पेयजल की निःशुल्क प्रसादी वितरित की गई। शिवालयों को आकर्षक फूलों से सजाया गया तथा भगवान शिव का काजू, भांग और मिश्री से विशेष श्रृंगार किया गया। रात्रि में भजन-कीर्तन और जागरण के कार्यक्रम भी आयोजित हुए।
सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस प्रशासन एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीम द्वारा घाटों पर व्यापक इंतजाम किए गए। एसडीओपी मंडलेश्वर श्वेता शुक्ला, एसडीएम पूर्वा मंडलोई, तहसीलदार कैलाश सस्तिया एवं थाना प्रभारी जगदीश गोयल ने व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।
शाम तक करीब डेढ़ लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने मां नर्मदा में आस्था की डुबकी लगाकर पूजा-अर्चना की। पूरे नगर में दिनभर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी गई और महेश्वर शिवमय हो उठा।


No comments:
Post a Comment