लाखों डकार गए, सड़क उखाड़ गए! अमृत 2.0 के कामों पर बड़ा सवाल गार्डन बना दिखावा, सड़क बनी मजाक! अमृत 2.0 पर उठे भ्रष्टाचार के आरोप - Sammukh bharat news

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Friday, 27 February 2026

लाखों डकार गए, सड़क उखाड़ गए! अमृत 2.0 के कामों पर बड़ा सवाल गार्डन बना दिखावा, सड़क बनी मजाक! अमृत 2.0 पर उठे भ्रष्टाचार के आरोप

 लाखों डकार गए, सड़क उखाड़ गए! अमृत 2.0 के कामों पर बड़ा सवाल गार्डन बना दिखावा, सड़क बनी मजाक! अमृत 2.0 पर उठे भ्रष्टाचार के आरोप




चार महीने में उखड़ी सड़क, धामनोद में 31 लाख के गार्डन और सीसी रोड पर गुणवत्ता विवाद।



अमृत 2.0 योजना के कार्यों की जांच तेज: तीन सदस्यीय समिति ने लिए सैंपल, रिपोर्ट का इंतजार।



धामनोद/// अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत , धामनोद नगर परिषद क्षेत्र में कराए गए निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर, विवाद गहराता जा रहा है। वार्ड क्रमांक 9 और 10 में नाली एवं सीसी रोड निर्माण कार्य तथा ग्रीन स्पेस गार्डन के निर्माण में घटिया सामग्री उपयोग किए जाने की शिकायत सामने आने के बाद , नगर परिषद द्वारा, संबंधित कार्यों के बिल भुगतान पर रोक लगा दी गई है। 



जानकारी के अनुसार, अमृत 2.0 योजना अंतर्गत 31.36 लाख रुपये की लागत से वार्ड क्रमांक 5 में नगर पंचायत कार्यालय में ग्रीन स्पेस गार्डन का निर्माण किया गया, जिसकी शिकायत वार्ड पार्षद चन्द्रकला दांगी ने की थी । वहीं वार्ड क्रमांक 9 में विभिन्न गलियों में 7.58 लाख रुपये की लागत से नाली निर्माण तथा वार्ड क्रमांक 10 में मंडी रोड से ट्रांसफार्मर तक 21.71 लाख रुपये की लागत से सीसी रोड निर्माण कार्य को लेकर , मौसम पटेल द्वारा गुणवत्ता संबंधी शिकायत दर्ज कराई गई थीं । शिकायत में आरोप लगाया गया था कि, निर्माण कार्य , चार माह के भीतर ही उखड़ने लगे थे। मौसम पटेल ने बताया कि, चार महीने पहले बनी सड़क पूरी तरह खराब हो चुकी , जिसकी शिकायत उन्होंने की थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग इंदौर संभाग द्वारा, अधीक्षण यंत्री के आदेश क्रमांक 399 दिनांक 23 फरवरी 2026 के तहत , तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया । समिति में उपयंत्री आशिष तिवारी, उपयंत्री नीरज केशरवानी तथा आर.ई. (अमृत 2.0) अनुराग पाठक को शामिल किया गया । समिति को 26 फरवरी 2026 को स्थल निरीक्षण कर , जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए । 25 फरवरी 2026 को जारी पत्र के माध्यम से मुख्य नगर पालिका अधिकारी को निर्देशित किया गया कि , निरीक्षण के दौरान, आवश्यक अभिलेख उपलब्ध कराए जाएं। जिस पर से 2 दिन से जांच अधिकारी, मौके पर पहुंचे और सड़क की गुणवत्ता जांचने के लिए सैंपल लेकर गए है



इधर, आसिफ मिर्जा स्थाई कर्मचारी , जो कि वर्तमान में निर्माण शाखा सहायक प्रभारी है, जब इनसे चर्चा की गई तो उनके द्वारा बताया गया कि, शिकायत संबंधित निर्माण कार्यों की फाइल , जांच अधिकारियों के पास है, जबकि उक्त घटिया निर्माण कार्यों की शिकायत के चलते, धामनोद नगर पंचायत सीएमओ माया मंडलोई द्वारा, उक्त सभी निर्माण कार्यों के बिल भुगतान को रोक दिया गया है।



अब सबकी निगाहें, जांच समिति की रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे यह स्पष्ट होगा कि, निर्माण कार्यों में वास्तव में गुणवत्ता की अनदेखी हुई या नहीं, और दोषी पाए जाने पर संबंधित ठेकेदारों व जिम्मेदार अधिकारियों पर क्या कार्रवाई की जाएगी।





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