धामनोद// ये मेरे गीत जीवन संगीत जब भी कोई दोहराएगा सुर संगम परिवार द्वारा अमरगायक स्व. मुकेश को स्वरांजली समर्पित
स्वयं नितिन मुकेश ने इस आयोजन हेतु व्हाट्सएप पर आभार जताया
धामनोद //27 अगस्त 1976 डेट्रॉइट मिशिगन में संगीत कार्यक्रम में लता मंगेशकर के साथ गाने के दौरान बॉलीवुड के सदाबहार गायक मुकेश ज़ब 53 वर्ष के थे, का दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया ।
इसलिए उन्हें "अमरगायक" कहा जाता है - प्रहलाद भंडारी
सुर संगम परिवार धामनोद ने प्रसिद्ध भारतीय पार्श्व अमर गायक स्व. मुकेशजी की 50वीं पुण्यतिथि पर उनके छायाचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कर उन्हें रत्नेश भंडारी सभागृह में श्रद्धांजलि स्वरूप स्वरांजली प्रस्तुत की ।
स्व. मुकेशजी को याद करते हुए मातृशक्तियों सहित अनेक फनकारों संजय नामदेव, दुर्गेश दाबड़, महेश विश्वकर्मा, विशाल मंडलोई, विष्णु नवरंग, डॉ आरके पाटीदार, सोनू गांधी, जितेंद्र सोनी, डॉ हेमंत सोनी, रूपेश सिंघल, धीरजसिंह चौहान, मनोज जाट, नरेंद्र भट्ट, प्रहलाद भंडारी, विजय नामदेव, डॉ नंदिता कुशवाहा, परितोष राय, अंतिम सिटोले, नेहा जश्नानी, विकास अग्रवाल, मधु सराफ, सीमा जाट, वैशाली मंडलोई, योगेंद्रसिंह चौहान, लोकेंद्र वर्मा, रविंद्र राठौर, रीमा चौहान, डॉ योगिता राठौड़, दिव्या धनगर, संदीप सराफ ने मुकेश के एक से बढ़कर एक सोलो, डुएट, जीवनके हर रंग के नगमे पेश किए ।
सांय 7 बजे प्रारम्भ हुआ जो कि रात्रि 11 बजे तक चलता रहा ।
अमरगायक के सुपुत्र नितिन मुकेश ने स्वयं इस आयोजन को सोशल मीडिया पर देखने के बाद ग्रुप एडमिन प्रहलाद भंडारी को व्हाट्सएप पर इस हेतु आभार जताया ।
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