नर्मदा किनारे भूमाफियाओं का कहर: सुलगांव में दिन-रात अवैध मिट्टी खनन, प्रशासन बेखबर - Sammukh bharat news

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Thursday, 26 March 2026

नर्मदा किनारे भूमाफियाओं का कहर: सुलगांव में दिन-रात अवैध मिट्टी खनन, प्रशासन बेखबर

 नर्मदा किनारे भूमाफियाओं का कहर: सुलगांव में दिन-रात अवैध मिट्टी खनन, प्रशासन बेखबर



जेसीबी और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से खोदी जा रही नदी की धरोहर, किसानों की पाइपलाइन और रास्ते हो रहे बर्बाद


रिपोर्टर: मनोहर चौहान, धरमपुरी (धार)

धरमपुरी (धार)। नर्मदा नदी के संरक्षण और सौंदर्यीकरण को लेकर राज्य सरकार भले ही बड़े-बड़े दावे करती हो, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। तहसील मुख्यालय से महज 7 किलोमीटर दूर ग्राम सुलगांव में नर्मदा किनारे अवैध मिट्टी खनन का कारोबार खुलेआम फल-फूल रहा है।

सूत्रों के अनुसार, रोजाना 15 से 20 ट्रैक्टर-ट्रॉलियां दिन-रात जेसीबी मशीनों से नदी किनारे की मिट्टी खोदकर ले जा रही हैं। भूमाफिया बेखौफ होकर नर्मदा की धरोहर को नुकसान पहुंचा रहे हैं, जबकि स्थानीय प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है।



इस अवैध खनन का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ रहा है। नदी किनारे सिंचाई के लिए रखी गई मोटर पंप और पाइपलाइन भारी वाहनों के आवागमन से क्षतिग्रस्त हो रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब वे इसका विरोध करते हैं तो भूमाफिया दबंगई दिखाकर उन्हें धमकाते हैं।



इतना ही नहीं, गांव से नर्मदा नदी तक जाने वाला रास्ता भी पूरी तरह खराब हो चुका है। हालात ऐसे हैं कि लोगों को घुटनों तक दलदल में चलकर नदी तक पहुंचना पड़ रहा है।



सूत्रों ने यह भी खुलासा किया है कि गांव के कुछ लोग भूमाफियाओं से मिले हुए हैं और उनसे पैसे लेकर इस अवैध कारोबार में सहयोग कर रहे हैं। वहीं, धरमपुरी थाना पुलिस और राजस्व विभाग की निष्क्रियता भी सवालों के घेरे में है।

चौंकाने वाली बात यह है कि भूमाफियाओं ने निगरानी के लिए अपने मुखबिर भी तैनात कर रखे हैं। धरमपुरी-मनावर मार्ग पर हतनावर और देवलरा फाटा से सुलगांव जाने वाले लोगों पर नजर रखी जाती है। जैसे ही किसी बाहरी व्यक्ति या अधिकारी की सूचना मिलती है, तुरंत जेसीबी और ट्रैक्टर-ट्रॉली मौके से हटा दी जाती हैं या जंगलों में छुपा दी जाती हैं।

ऐसे में सवाल उठता है कि जब प्रदेश सरकार नर्मदा नदी के संरक्षण और जल संरक्षण के लिए योजनाएं चला रही है, तो आखिर जमीनी स्तर पर इनका पालन क्यों नहीं हो पा रहा? क्या यह योजनाएं सिर्फ कागजों और फोटो सेशन तक ही सीमित रह जाएंगी?

प्रशासन भले ही अवैध खनन पर रोक लगाने के दावे करता हो, लेकिन धरमपुरी क्षेत्र में मिट्टी खनन माफियाओं का नेटवर्क लगातार मजबूत होता जा रहा है। अब देखना होगा कि जिम्मेदार अधिकारी इस मामले में कब कार्रवाई करते हैं।





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