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Thursday, 28 August 2025

धामनोद//गणेशोत्सव की शुरुआत लक्ष्मी गणेश मंदिर में भक्तों का लगा ताँता गणपति बाबा मोरया के लगे जयकारे


धामनोद//गणेशोत्सव की शुरुआत लक्ष्मी गणेश मंदिर में भक्तों का लगा ताँता गणपति बाबा मोरया के लगे जयकारे  



धामनोद – नगर के प्रसिद्ध टाइम मोहल्ले स्थित लक्ष्मी गणेश मंदिर में इस वर्ष गणेश चतुर्थी का आगाज बेहद भव्य और दिव्य माहौल में हुआ। आज गणेश चतुर्थी के प्रथम दिन सुबह से ही मंदिर में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। हर कोई विघ्नहर्ता गणपति बप्पा के दर्शन के लिए आतुर दिखा। मंदिर को फूलों, रंग-बिरंगी झालरों, विद्युत सजावट और आकर्षक रोशनियों से दुल्हन की तरह सजाया गया, मानो धरती पर स्वर्ग उतर आया हो।


सुबह की आरती में वातावरण भक्तिरस में रंग गया। मंत्रोच्चार, ढोल-ताशों और शंख-घंटियों की गूंज से पूरा मोहल्ला गूंजायमान हो उठा। भक्त गणपति बप्पा के जयकारे लगाते हुए श्रद्धा और आस्था के साथ पूजा-अर्चना करते नजर आए। महिलाएं थाल सजाकर, नारियल, मोदक और पंचामृत का भोग अर्पित कर रही थीं तो बच्चे रंग-बिरंगे परिधानों में "बप्पा मोरिया" का जयघोष करते दिखाई दिए।


सुबह से ही मंदिर प्रांगण में श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। लंबी कतारों में खड़े लोग बप्पा के दर्शन के लिए आतुर दिखे। बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे सभी अपने-अपने संकल्प लेकर भगवान गणेश के चरणों में शीश नवाते रहे। भक्तों का मानना है कि गणेश चतुर्थी के प्रथम दिन लक्ष्मी गणेश मंदिर में दर्शन करने से संपत्ति, सुख-समृद्धि और विघ्नों का नाश होता है।

गणेशोत्सव के अवसर पर मंदिर परिसर में सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रमों की भी शुरुआत हुई। भजन-कीर्तन मंडलियों ने भगवान गणेश की स्तुति में भावपूर्ण प्रस्तुतियां दीं। ढोल-ताशे और झांकी का विशेष आयोजन भी किया गया जिसमें स्थानीय बच्चों और युवाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। आने वाले दिनों में रंगोली प्रतियोगिता, नृत्य कार्यक्रम और सामूहिक आरती का आयोजन भी होगा।


भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन और स्वयंसेवकों ने सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए। श्रद्धालुओं को सुचारु रूप से दर्शन कराने के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गईं। महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग कतार बनाई गई। वहीं मंदिर समिति ने प्रसाद वितरण और जलपान की भी उचित व्यवस्था की थी।


मंदिर में पहुंचे श्रद्धालुओं ने बताया कि लक्ष्मी गणेश मंदिर में दर्शन करने से उनकी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। गणेश चतुर्थी के पहले दिन यहां दर्शन करना उनके लिए अत्यंत सौभाग्य की बात है। कई भक्तों ने गणेश जी से परिवार में सुख-शांति और नगर की तरक्की की कामना की।


गणेश उत्सव न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है बल्कि यह समाज में एकता और भाईचारे का संदेश भी देता है। लक्ष्मी गणेश मंदिर में आयोजित इस उत्सव ने सभी वर्गों और समुदायों को जोड़ने का काम किया। बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी ने मिलकर इस उत्सव को सफल बनाने में अपनी भागीदारी निभाई।


 कुल मिलाकर धामनोद के लक्ष्मी गणेश मंदिर में गणेशोत्सव का पहला दिन श्रद्धा, भक्ति और उत्साह से सराबोर रहा। भक्तों का तांता दिनभर लगा रहा और हर कोई "गणपति बप्पा मोरिया, मंगल मूर्ति मोरिया" के जयकारों के साथ गणेशोत्सव की आनंदमयी लहर में डूब गया।

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